अयोध्या दर्शन: राम मंदिर से लेकर हनुमानगढ़ी तक दर्शन के लिए समय-सारिणी तय! नई गाइडलाइन हुई लागू
अयोध्या में नए साल पर लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और दशरथ महल के दर्शन समय में बदलाव किया है। जानिए कब खुलेगा द्वार और क्या हैं नई व्यवस्थाएं।
- नए साल पर अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़, प्रशासन ने किया विशेष इंतज़ाम
- राम मंदिर से लेकर हनुमानगढ़ी तक दर्शन के लिए समय-सारिणी तय
- सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए नई गाइडलाइन लागू
- अयोध्या की सड़कों पर गूंजा “जय श्री राम”, धार्मिक माहौल चरम पर
अयोध्या, उत्तर प्रदेश: नए साल (New Year) की शुरुआत में अयोध्या एक बार फिर भक्तिमय माहौल में डूबी हुई है। सूरज की पहली किरणों के साथ ही “जय श्री राम” के जयघोष ने पूरे नगर में एक दिव्यता फैला दी। श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी है कि शहर की सड़कों से लेकर मंदिरों के गलियारों तक हर जगह आस्था की लहर दौड़ रही है।
राम मंदिर में सुबह से रात तक दर्शन का सिलसिला
रामलला के भव्य मंदिर (Ram Temple) में सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक दर्शन की व्यवस्था की गई है। नए साल के मौके पर बालक स्वरूप रामलला पीतांबरी वस्त्र व स्वर्ण मुकुट धारण कर भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए दस अलग-अलग लाइनें बनाई हैं ताकि हर श्रद्धालु को बिना कठिनाई सात मिनट तक रामलला के दर्शन (Darshan) मिल सकें।
हनुमानगढ़ी में मंगला आरती से शुरू होगा दिन
अयोध्या का सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर (Hanumangarhi Temple) नई ऊर्जा और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। यहाँ माता अंजनी की गोद में बैठे पवनपुत्र हनुमान के दर्शन सुबह 4 बजे मंगला आरती (Mangla Aarti) से शुरू हो जाते हैं और रात 10 बजे तक खुले रहते हैं। इस समय दर्शन के लिए दो से तीन किलोमीटर लंबी कतारें आम बात हो गई हैं।
कनक भवन और दशरथ महल में भी बढ़ी रौनक
कनक भवन (Kanak Bhavan), जो माता कैकेई द्वारा जनकनंदिनी सीता को उपहार में दिया गया था, श्रद्धालुओं का एक प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। यह मंदिर सुबह 7 बजे खुलता है और दोपहर 11 बजे तक दर्शन होता है। इसके बाद शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक फिर से श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है।
वहीं दशरथ महल (Dashrath Mahal) जो कभी अयोध्या के राजा दशरथ का निवास था, में भी सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक दर्शन जारी रहता है। राम भक्तों के अनुसार इस महल के दर्शन से जीवन में सौभाग्य और शांति आती है।
प्रशासन ने कसी सुरक्षा, यातायात पर सख्त निगरानी
अयोध्या जिला प्रशासन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अनुमान लगाया है कि इस बार 4 से 10 लाख के बीच श्रद्धालु अयोध्या पहुँच सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) की विस्तृत योजना बनाई है। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और प्रवेश द्वारों पर चौकसी बढ़ाई गई है।
अयोध्या के निवासी कहते हैं कि यह नज़ारा उन्हें महाकुंभ की याद दिला रहा है। हर कोई अपने तरीके से प्रभु राम को नए साल की शुभकामनाएँ दे रहा है। दुकानों, घाटों और गलियों में दीपों की रोशनी और भजनों की मधुर ध्वनि से पूरा नगर आलोकित हो उठा है।
अयोध्या की यही भक्ति-भावना उसे हर नए साल पर विशेष बना देती है जहाँ हर यात्रा सिर्फ पूजा नहीं बल्कि आत्मिक अनुभव बन जाती है।



