FASTag नियमों में बड़ा बदलाव: फरवरी 2026 से खत्म होगी KYV प्रक्रिया, हाईवे सफर होगा आसान
FASTag यूजर्स के लिए बड़ी राहत। 1 फरवरी 2026 से KYV प्रक्रिया होगी खत्म। नए FASTag तुरंत एक्टिव होंगे, टोल प्लाजा पर कतारें और डबल टोल की परेशानी कम होगी। बैंकों को मिलेगी पूरी जिम्मेदारी।
- फरवरी 2026 से FASTag लेने वालों को KYV प्रक्रिया से राहत
- टोल प्लाजा पर लंबी कतारों और डबल टोल की समस्या होगी कम
- बैंकों को मिली पूरी जिम्मेदारी, तुरंत एक्टिवेशन संभव
- डिजिटल इंडिया को मिलेगा सीधा फायदा, हाईवे सफर होगा आसान
साल 2026 की शुरुआत देशभर के करोड़ों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों को अब FASTag से जुड़ी एक बड़ी परेशानी से निजात मिलने जा रही है। National Highways Authority of India ने एक अहम फैसला लेते हुए “Know Your Vehicle” यानी KYV प्रक्रिया को खत्म करने का ऐलान किया है।
यह नया नियम 1 फरवरी 2026 से लागू होगा। इसके बाद नई कार, जीप या वैन के लिए FASTag खरीदते समय वाहन मालिकों को लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। टोल प्लाजा पर लगने वाली कतारें और FASTag एक्टिवेशन में होने वाली देरी अब बीते दिनों की बात बनती दिख रही है।
अब क्यों बदला गया सिस्टम
अब तक FASTag लेने के बाद KYV प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होता था। कई बार वेरिफिकेशन में देरी या तकनीकी गड़बड़ी के कारण FASTag एक्टिव नहीं हो पाता था। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ता था और उन्हें टोल प्लाजा पर दोगुना शुल्क तक देना पड़ता था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद इस प्रक्रिया की समीक्षा की गई और आखिरकार इसे हटाने का फैसला लिया गया।
नए FASTag लेने वालों को कैसे होगा फायदा
नए नियम के तहत बैंक सीधे वाहन के डेटा को नेशनल व्हीकल डेटाबेस से मिलान करेंगे। जानकारी सही पाई जाने पर FASTag तुरंत एक्टिव हो जाएगा। अब वाहन मालिक को अलग-अलग स्तर पर वेरिफिकेशन के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
अगर किसी वजह से वाहन की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होती है, तो सिर्फ आरसी के आधार पर ही बैंक प्रक्रिया पूरी कर देगा। चाहे FASTag बैंक ब्रांच से लिया जाए या ऑनलाइन पोर्टल से नियम सभी जगह एक जैसा रहेगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
मौजूदा FASTag यूजर्स के लिए क्या बदलेगा
जिन वाहन चालकों के पास पहले से FASTag है, उनके लिए भी राहत की खबर है। अब रूटीन KYV वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। जब तक कोई गंभीर शिकायत नहीं आती, तब तक फिजिकल चेक या दोबारा जांच नहीं होगी।
हालांकि, अगर FASTag किसी दूसरे वाहन में इस्तेमाल होने की शिकायत मिलती है, गलत तरीके से जारी होने का मामला सामने आता है या दुरुपयोग की आशंका होती है, तभी जांच की जाएगी। पहले यह प्रक्रिया सभी पर लागू होती थी अब केवल संदिग्ध मामलों तक सीमित रहेगी।
सफर के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
KYV प्रक्रिया भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन वाहन मालिकों को अपने दस्तावेज सही और अपडेट रखने होंगे। आरसी या डिजिटल रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने पर FASTag जारी होने में देरी हो सकती है। आज के समय में देश में ज्यादातर टोल कलेक्शन FASTag के जरिए हो रहा है जिससे ट्रैफिक तेजी से आगे बढ़ता है।
हाईवे पर निकलने से पहले FASTag बैलेंस जरूर चेक करें। ब्लैकलिस्ट होने की स्थिति में अब भी डबल टोल देना पड़ सकता है। नियम आसान हुए हैं, लेकिन सावधानी अब भी उतनी ही जरूरी है।



