हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत: CM नायब सैनी ने लॉन्च की OTS योजना, 6.81 लाख किसानों का ब्याज माफ
हरियाणा में कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों के लिए मंगलवार का दिन उम्मीद लेकर आया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चंडीगढ़ में नई वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार चाहता है कि आर्थिक दबाव के कारण किसान खेती से पीछे न हटें। इसी सोच के साथ राज्य के 6.81 लाख से अधिक किसानों का बकाया ब्याज पूरी तरह माफ करने का फैसला लिया गया है।
इस घोषणा ने उन किसानों में राहत की सांस भर दी है जो लंबे समय से PACS (प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां) से लिए गए लोन पर लगातार बढ़ते ब्याज के कारण परेशान थे। नई योजना का मकसद सिर्फ कर्ज निपटाना नहीं, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था में भरोसा और स्थिरता वापस लाना है।
कर्ज चुकाने पर पूरा ब्याज माफ
सीएम सैनी ने बताया कि PACS से लिए गए लोन की मूल राशि का भुगतान करते ही पूरा ब्याज स्वतः समाप्त हो जाएगा। यह मॉडल इसलिए अपनाया गया है ताकि किसान एकमुश्त निपटान करने के लिए प्रेरित हों और सहकारी संस्थाएं भी अपनी बकाया राशि वसूल कर पाएं।
सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत कुल 2266 करोड़ रुपये का ब्याज माफ होने का अनुमान है। इसमें से करीब 900 करोड़ रुपये सिर्फ अमृत किसानों को लाभ के रूप में मिलेगा, यदि वे अपनी मूल राशि जमा करा देते हैं।
अगस्त–सितंबर की बाढ़ का प्रभाव
सीएम सैनी ने बताया कि भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण प्रदेश के कई जिलों में फसलें चौपट हो गई थीं। हालात का जमीनी आकलन करने के बाद सरकार ने 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला था और अब तक 538.21 करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों के खाते में भेजा जा चुका है।
किस जिले को मिला सबसे ज़्यादा फायदा?
मुआवजा वितरण में चरखी दादरी सबसे आगे रहा, जहां किसानों के लिए 23.55 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके बाद हिसार और भिवानी का स्थान है।
वेरिफिकेशन प्रक्रिया में सामने आया कि 53,821 किसानों के 12,380 एकड़ कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा था—इस डेटा के आधार पर राहत राशि तय की गई।
31 मार्च 2026 तक खुला रहेगा अवसर
OTS योजना को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और किसान 31 मार्च 2026 तक इसका लाभ ले सकेंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ कर्ज माफी नहीं बल्कि संकट से उबरने का एक सामूहिक प्रयास है, ताकि कृषि क्षेत्र फिर से पटरी पर लौट सके।



