गोवा हादसे के बाद हरियाणा में अलर्ट: सभी नाइटक्लब व पब का 7 दिन में फायर ऑडिट, सख्त कार्रवाई के संकेत
Haryana News: गोवा के लोकप्रिय नाइटक्लब में लगी भीषण आग के बाद देशभर में सुरक्षा मानकों को लेकर चल रही चर्चा अब हरियाणा तक पहुंच गई है। राज्य सरकार ने किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए नाइटलाइफ इंडस्ट्री पर सख्ती बढ़ाते हुए सभी नाइटक्लब, पब, बार और डांस फ्लोर वाले प्रतिष्ठानों का त्वरित अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश जारी किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब हाल की घटनाओं ने साफ कर दिया कि मनोरंजन स्थलों में भीड़ और सीमित निकास मार्ग किसी भी त्रासदी को बड़ी आपदा में बदल सकते हैं।
बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं। उन्होंने बताया कि सभी उपायुक्तों को निर्देश भेज दिए गए हैं कि वे अपने जिले में ऐसे सभी प्रतिष्ठानों का व्यापक फायर सेफ्टी निरीक्षण तुरंत शुरू करें। यह ऑडिट राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) 2016 और हरियाणा अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम 2022 के तहत तय मानकों के अनुसार सात दिनों के भीतर पूरा करना होगा। जिला प्रशासन से यह भी कहा गया है कि वो ऑडिट रिपोर्ट के साथ उठाए गए या प्रस्तावित एक्शन का विस्तृत ब्यौरा भी सरकार को भेजें। Haryana News
सूत्रों के अनुसार, इस ऑडिट का फोकस केवल कागजी औपचारिकताओं पर नहीं, बल्कि वास्तविक ग्राउंड-लेवल सुरक्षा पर होगा। टीमों को यह जांचने के लिए कहा गया है कि आपातकालीन निकास सही स्थिति में हैं या नहीं, आग बुझाने के उपकरण चालू हालत में हैं या नहीं, और भीड़-भाड़ वाले बंद स्थानों में जोखिम प्रबंधन के उपाय कितने मजबूत हैं। लाइसेंसों की वैधता से लेकर फायर अलार्म सिस्टम तक, हर तत्व इस बार बारीकी से परखा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि संगीत, डांस और रौशनी के बीच अक्सर नजरअंदाज हो जाने वाली सुरक्षा खामियां ही सबसे बड़ा खतरा बन सकती हैं। Haryana News
सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों के उल्लंघन पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। जहां छोटी अनियमितताओं को तुरंत ठीक करवाने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं गंभीर लापरवाही पर भारी जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या यहां तक कि रद्द करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारी बताते हैं कि यह पहल सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि सुरक्षा को लेकर कोई भी ढिलाई अब स्वीकार्य नहीं होगी। Haryana News
गोवा हादसे के बाद बदली राष्ट्रीय संवेदनशीलता को देखते हुए हरियाणा की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण संदेश देती है—मनोरंजन जरूरी है, लेकिन उससे पहले सुरक्षा। सरकार की उम्मीद है कि यह कदम उद्योग के भीतर भी आत्म-सुधार को बढ़ावा देगा और आने वाले समय में ऐसे हादसे रोकने में मदद करेगा। Haryana News



