अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे और रिंग रोड कब तक होंगे तैयार? अनिल विज ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे और रिंग रोड का काम दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने NHAI अधिकारियों को काम में तेजी लाने और गांवों की ड्रेनेज समस्या सुलझाने के निर्देश दिए।
- अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे का काम अब पकड़ेगा रफ्तार
- दिसंबर 2026 तक पूरा होगा सफर
- जीटी रोड पर 30 करोड़ की लागत से बनेगी नई सर्विस लेन
- रेलवे कॉलोनी और आस-पास के गांवों को बड़ी राहत
हरियाणा के गब्बर कहे जाने वाले कैबिनेट मंत्री अनिल विज इन दिनों अंबाला को सड़कों का जाल बनाकर एक नई पहचान देने में जुटे हैं। गुरुवार को अपने आवास पर एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक करते हुए विज ने साफ कर दिया कि विकास के कामों में अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खबर बड़ी है क्योंकि अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे से लेकर रिंग रोड तक सबकी डेडलाइन अब सामने आ चुकी है।
अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे: दिल्ली की राह होगी आसान
121 किलोमीटर लंबा अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि इस इलाके की लाइफलाइन बनने जा रहा है। विज ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर काम पूरी रफ्तार से चल रहा है और दिसंबर 2026 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
खास बात यह है कि यह एक्सप्रेसवे शामली जाकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। यानी अब अंबाला से दिल्ली या देहरादून जाने वालों को न तो पुराने रास्तों की भीड़ मिलेगी और न ही समय की बर्बादी होगी।
शहर को मिलेगी जाम से आजादी
अंबाला के लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात रिंग रोड प्रोजेक्ट है। अक्सर देखा जाता है कि दूसरे राज्यों से आने वाले भारी वाहन शहर के बीच से होकर गुजरते हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो जाता है।
मंत्री विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रिंग रोड का काम जल्द से जल्द निपटाया जाए। इस रोड के बनते ही पंजाब, हिमाचल या जम्मू जाने वाली गाड़ियां शहर में घुसने के बजाय बाहर से ही निकल जाएंगी।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर पी.के. सिन्हा ने भरोसा दिलाया है कि दिसंबर 2026 तक रिंग रोड का तोहफा जनता को मिल जाएगा।
गांवों की समस्याओं पर मंत्री की पैनी नजर
सिर्फ हाईवे बनाना ही मकसद नहीं है, बल्कि उसके किनारे बसे लोगों की तकलीफें दूर करना भी प्राथमिकता है।
बैठक में शाहपुर और बड़ा गांवों में जल निकासी (वॉटर ड्रेनेज) की समस्या पर गंभीर चर्चा हुई। वहीं सेपहरा गांव के लोगों को रास्ता देने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
विज का कहना है कि विकास ऐसा हो जिससे गांव वालों की राह आसान हो न कि उनकी मुश्किलें बढ़ें।
चंडीगढ़ और पंचकूला भी अब दूर नहीं
अंबाला-मोहाली एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए विज ने कहा कि चंडीगढ़ और मोहाली जाने वालों के लिए भी खुशखबरी है।
इस रास्ते का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही अंबाला छावनी को पंचकूला-सहारनपुर हाईवे से जोड़ने की भी योजना तैयार की जा रही है।
30 करोड़ की सर्विस लेन और अंडरपास का कायाकल्प
जीटी रोड पर चलने वालों के लिए भी एक अच्छी खबर आई है। रेलवे ओवरब्रिज के पास करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से नई सर्विस लेन बनाई जा रही है जो जून 2026 तक तैयार हो जाएगी।
इसके साथ ही रेलवे कॉलोनी के नीचे वाले अंडरपास को भी आधुनिक मानकों के हिसाब से सुधारा जाएगा ताकि स्थानीय लोगों को आवाजाही में कोई दिक्कत न हो।
कुल मिलाकर अगले दो सालों में अंबाला के यातायात की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है। अनिल विज की ये सख्ती और एनएचएआई का एक्शन प्लान बता रहा है कि अंबाला अब दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच का सिर्फ एक पड़ाव नहीं बल्कि एक हाई-टेक कनेक्टिविटी वाला हब बनने जा रहा है।



